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            गोपाल अष्टक

पद पंकज गोपाल के कर मन नित प्रति ध्यान
ताप हरन तारन तरन, मंगल मोद निधान

कमलासन आसीन दीन दुःख तारन हारे
अरून बरन अरविन्द चरण ता ऊपर धारे
कोटि चंद द्युति मंद करन नख सोहत न्यारे
नागर नन्द किशोर इस्ट गोपाल हमारे

नव जल धर सम श्याम बाल वपु दिपत दिगंबर
कटि-तटि ऊपर छुद्र घंटिका राजत सुन्दर
मंद मंद ध्वनि ध्वनित मंजु मंजरि जू धारे
यसुमत जीवन प्राण इस्ट गोपाल हमारे

पायस सव्य पाणि माँहि राजत अति नीको
है नवनीत पुनीत दक्ष कर भावत जी को
उर कंचन के हार जटित भुज-बँध भुज धारे
गोपी जन सुख देन इस्ट गोपाल हमारे

शरद इंदु द्युति मंद करन मुख मंडल भ्राजे
कुंद कली से रदन अधर पुट अरून बिराजे
दमकत गोल कपोल माहि कुंडल अनियारे
बालकेलि के ब्रह्म इस्ट गोपाल हमारे

कर कंचन मणि जटित मंजु मुँदरी मन मोहत
रुरुनख-पदक विचित्र मनहुँ विधु युग नव सोहत
लजत कोटि शत काम धाम शोभा के न्यारे
माथुर कुल कुल देव इस्ट गोपाल हमारे

मंद मधुर मुस्कान ज्ञान अरु ध्यान डुलावत
नारद सारद शंभु वेद विधि पार न पावत
कमल कली से अरून युगल लोचन रतनारे
पूरन ब्रह्म मुकुंद इस्ट गोपाल हमारे

नासा मध्य बुलाख लोल लटकन अति नीकी
कज्जल युक्त कटाक्ष विलोचन मोहन जी की
दर्प हरन कंदर्प हेतु वपु भू पर धारे
नयना नन्द निधान इस्ट गोपाल हमारे

मानहु काम कमान भृकुटि युग सुन्दर राजे
चन्दन चर्चित भाल तिलक ता मध्यविराजे
अलकावलि अलि सदृश सीस सोहें घुँघरारे
विश्व विमोहन कृष्ण इस्ट गोपाल हमारे

धर्म अर्थ अरु काम मोक्ष चाहत हैं जे नर
गोपाल अष्टक नित्य पाठ ते पावें ते नर
दीन बंधु भव सिन्धु मग्न जन तारन हारे
भनत श्री विट्ठल प्रभु बालकृष्ण गोपाल हमारे